Tuesday, March 1, 2011

अछि सन्देश


"अछि सन्देश"

समृद्ध भाषा 
मैथिली मिथिलाक
जायत हेरा

लाज होइछ
बाजब कोना भाषा
पढ़ल हम

दोषारोपण
नेता अभिभावक
नहि कर्त्तव्य

देशक नेता
  नहि जनता केर
स्वार्थे डूबल

करू ज्यों स्नेह
माँ आ मात्रि भाषा सँ
संकल्प लिय

आबो तs जागू
मिथिला केर लाल
प्रयास करू

अबेर भेल
तैयो विचार करू    
अछि सन्देश

 - कुसुम ठाकुर-

Monday, February 21, 2011

अभिलाषा


"अभिलाषा"

अभिलाषा छलs हमर एक ,
करितौंह हम धिया सँ स्नेह ।
हुनक नखरा पूरा करय मे ,
रहितौंह हम तत्पर सदिखन ।
सोचैत छलहुँ हम दिन राति ,
की परिछ्ब जमाय लगायब सचार ।
धीया तs होइत छथि नैहरक श्रृंगार ,
हँसैत धीया रोएत देखब हम कोना ।
कोना निहारब हम सून घर ,
बाट ताकब हम कोना पाबनि दिन ।
सोचैत छलहुँ जे सभ सपना अछि ,
ओ सभ आजु पूरा भs गेल।
घर मे आबि तs गेलिह धीया ,
बिदा नहि केलहुँ, नय सुन अछि घर ।
एक मात्र कमी रहि गेल ,
सचार लगायल नहिये भेल।।


-कुसुम ठाकुर -
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